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नबी करीम ‎ﷺ ‏जब आसमान के गोशे से बदली उठते देखते तो काम ‎( ‏धाम ‎) ‏सब छोड़ देते यहां तक कि नमाज़ में होते तो उसे भी छोड़ देते, ‏और यूं दुआ फ़रमाते: ‏

🌺नबी करीम ﷺ जब आसमान के गोशे से बदली उठते देखते तो काम ( धाम ) सब छोड़ देते यहां तक कि नमाज़ में होते तो उसे भी छोड़ देते, और यूं दुआ फ़रमाते: 

अल्लाहुम्मा इन्नी आउज़ुबिका मिन शर्रीहा
ए अल्लाह! मैं इसके शर से तेरी पनाह मांगता हूँ ...

फिर अगर बारिश होने लगती,तो आप फ़रमाते: 
अल्लाहुम्मा सय्यीबन हनिअन
 ए अल्लाह! इस बारिश को ज़ोरदार और ख़ुशगवार और बाबरकत बना।..

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